भारत की उत्तरी सीमा पर चीन ने की 60,000 सैनिकों की तैनाती, अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा

भारत की उत्तरी सीमा पर चीन ने की 60,000 सैनिकों की तैनाती, अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा
  • KHABARSAFARMEDIA
  • LAST UPDATED: 10, October 2020, 05:27 PM IST    

हिंद-प्रशांत, दक्षिणी चीन सागर और पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के आक्रामक सैन्य रुख के बीच जापान की राजधानी टोक्यो में चारों देशों की यह बैठक हुई. 

नई दिल्लीः लद्दाख में LAC पर भारत और चीन के विवाद को दूर करने के लिए कई दफा कमांडर्स रैंक की मीटिंग हो चुकी है. साथ ही दोनों देशों के विदेश मंत्री भी मामले पर कई बार चर्चा कर चुके हैं लेकिन मुद्दा सुलझने की बजाए और बिगड़ता जा रहा है. चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. एक बार फिर ड्रैगन ने भारी संख्या में अपने सैनिकों की टुकड़ी को एलएसी पर भेज दिया है. इस बात की जानकारी अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (US Secretary of State Mike Pompeo) ने दी है.

सीमा पर गतिरोध के बीच चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control) पर 60,000 से ज्यादा सैनिकों को तैनात कर दिया है. माइक पोम्पियो ने बीजिंग के ‘बुरे बर्ताव' और क्वाड समूह के देशों के सामने खतरे पैदा करने के लिए चीन को आड़े हाथ लिया और कहा, उसने भारत की उत्तरी सीमा पर 60,000 सैनिक तैनात किए हैं. 

क्वाड समूहों में आते हैं ये 4 देश
बता दें कि क्वाड समूह के देशों में अमेरिका, जापान, भारत और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने बीते मंगलवार को टोक्यो में मुलाकात की. जानकारी के लिए बता दें कि कोविड-19 शुरू होने के बाद यह पहली आमने-सामने की वार्ता है. चारों देशों की यह बैठक हिंद-प्रशांत, दक्षिणी चीन सागर और पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीन के आक्रामक सैन्य रुख के बीच जापान की राजधानी टोक्यो में हुई. टोक्यो बैठक में हिस्सा लेकर लौटे अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने शुक्रवार (9 अक्टूबर)को एक इंटरव्यू में कहा, 'भारतीय अपनी उत्तरी सीमा पर 60,000 चीनी सैनिकों की मौजूदगी देख रहे हैं.' 

अमेरिकी मंत्री ने क्वाड देशों के लिए जाहिर की चिंता
अमरिकी मंत्री ने कहा, 'मैं भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के अपने समकक्ष विदेश मंत्रियों के साथ था. यह एक प्रारूप है, जिसे हम क्वाड कहते हैं, चार बड़े लोकतंत्र, चार ताकतवर अर्थव्यवस्थाएं, चार देश, जिनमें से सबकी असल चिंता चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से खड़े किए जोखिम से जुड़ी है.'