देश में बनी पहली एंटी रेडिएशन मिसाइल रुद्रम का टेस्ट कामयाब रहा, यह टारगेट को आवाज की रफ्तार से दोगुना तेजी से निशाना बना सकती है

देश में बनी पहली एंटी रेडिएशन मिसाइल रुद्रम का टेस्ट कामयाब रहा, यह टारगेट को आवाज की रफ्तार से दोगुना तेजी से निशाना बना सकती है

भारत ने शुक्रवार को पहली स्वदेशी एंटी रेडिएशन मिसाइल रुद्रम-1 का सफल टेस्ट किया। इसे ओडिशा के बालासोर स्थित इंटिग्रेटेड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से सुबह 10.30 बजे सुखोई-30 फाइटर जेट के जरिए छोड़ा गया।

इस मिसाइल को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने इंडियन एयरफोर्स के लिए तैयार किया है। यह आधुनिक तकनीकों से लैस है। दुश्मन के रडार और सर्विलांस सिस्टम को चकमा दे सकती है। यह टारगेट को आवाज की रफ्तार से दोगुना तेजी से निशाना बना सकती है।

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  • LAST UPDATED: 9, October 2020, 9:48 PM IST    

इसकी खासियत:

  • यह ऐसी स्वदेशी पहली मिसाइल है, जो किसी भी तरह के सिग्नल और रेडिएशन को पकड़ सकती है। साथ ही मिसाइलें नष्ट कर सकती है।
  • यह रेडियो फ्रीक्वेंसी छोड़ने या रिसीव करने वाले किसी भी टारगेट को निशाना बना सकती है।
  • लॉन्‍च स्‍पीड 0.6 से 2 मैक यानी 2469.6 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्‍यादा है।
  • इसकी रेंज इस बात पर निर्भर करती है कि फाइटर जेट कितनी ऊंचाई पर है। इसे 500 मीटर से लेकर 15 किलोमीटर की ऊंचाई से लॉन्‍च किया जा सकता है। इस दौरान यह मिसाइल 250 किलोमीटर के दायरे में मौजूद हर टारगेट को निशाना बना सकती है।
  • अगर दुश्‍मन ने रडार सिस्‍टम को शटडाउन कर दिया है, तो भी रुद्रम उसे निशाना बनाएगी।
  • सीड ऑपरेशंस यानी Suppression of Enemy Air Defence को अंजाम दे सकती है। इस ऑपरेशन के तहत दुश्‍मन के एयर डिफेंस सिस्‍टम को पूरी तरह से नष्‍ट कर दिया जाता है।
     
     

     

 

रक्षा मंत्री ने बधाई दी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि के लिए डीआरडीओ को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया- न्यू जेनरेशन एंटी रेडिएशन मिसाइल (रुद्रम-1) का आज बालासोर के आईटीआर से सफल परीक्षण किया गया। डीआरडीओ और इसे तैयार करने में लगे दूसरे भागीदारों को इस अहम उपलब्धि के लिए बधाई।