शरीर को वायरल, इंफेक्शन और फ्लू से हमेशा दूर रखते हैं ये 4 कमाल के नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स!

शरीर को वायरल, इंफेक्शन और फ्लू से हमेशा दूर रखते हैं ये 4 कमाल के नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स!
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  • LAST UPDATED: 10, October 2020, 06:06 PM IST    

Natural Sources Of Antioxidants: हम जब भी बीमार होते हैं सबसे पहले एंटी ऑक्सीडेंट्स दवाइयां लेना शुरू करते हैं, ताकि वायरल और इफेक्शन (Viral And Infection) जैसी समस्याओं से बचा जा सके. क्या आप जानते हैं कि हमारे आसापस कई नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स के स्रोत (Natural Antioxidants Sources) हैं, जिनका सेवन कर हम हमेशा हेल्दी और बीमारियों से दूर रह सकते हैं.

Best Natural Sources Of Antioxidants: हम जब भी बीमार होते हैं सबसे पहले एंटी ऑक्सीडेंट्स दवाइयां लेना शुरू करते हैं, ताकि वायरल और इफेक्शन (Viral And Infection) जैसी समस्याओं से बचा जा सके. क्या आप जानते हैं कि हमारे आसापस कई नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स के स्रोत (Natural Antioxidants Sources) हैं, जिनका सेवन कर हम हमेशा हेल्दी और बीमारियों से दूर रह सकते हैं. ये एंटी ऑक्सीड्स फूड सोर्सेज (Anti Oxides Food Sources) कई गंभीर समस्याओं को दूर करने में कारगर साबित हो सकते हैं. आयुर्वेद में भी इन नेचुरल एंटी-ऑक्सीडेंट्स का खूब इस्तेमाल किया जाता है. प्राकृतिक एंटी बॉयोटिक्स (Natural Anti Biotics) आपको संक्रमण से लड़ने, जख्मों को जल्दी भरने और बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने में मददगार माने जाते हैं. 

एंटी बॉयोटिक्स हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं क्योंकि उसके अंदर संक्रमण से लड़ने की ताकत होती है. कुछ नेचुरल एंटी ऑक्सीडेंट का सेवन कर इम्यून सिस्टम (Immune System) को भी मजबूत किया जा सकता है. यहां 4 ऐसे एंटी ऑक्सीडेंट्स के बारे में बताया गया है जो नेचुरल और आसानी से उपलब्ध होने वाले हैं...

1. अदरक

यह नेचुरल एंटी ऑक्सीडेंट्स स्वास्थ्य को कई समस्याओं से मुक्ति दिला सकता है. साथ ही संक्रमण और वायरल फ्लू से बचाने में भी मददगार माना जाता है. अदरक में एंटी इंफ्लेमटरी गुण भी होते हैं जो शरीर में सूजन को कम करने में मदद करते हैं. अदरक को प्राकृतिक एंटी बॉयोटिक्स माना जाता है. अदरक कई कमाल के स्वास्थ्य लाभों से भरा हुआ है. जी मिचलाना, सीने की जलन और एसिडिटी जैसे लक्षणों में अदरक का इस्तेमाल किया जा सकता है.

2. शहद

शहद एक कमाल का प्राकृतिक एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं. शहद का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है. शहद को कई समस्याओं को दूर करने में कारगर माना जाता है. शहद के फायदे देखकर घरेलू इलाज या प्राकृतिक एंटी बॉयोटिक्स के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है. शहद में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जिसकी वजह से घाव को भरने में या चोट से जल्दी आराम दिलाने में भी यह बहुत कारगर माना जाता है.

3. हल्दी

यह प्राकृतिक जड़ी-बूटी स्वास्थ्य को कमाल के फायदे देती है. नेचुरल एंटी-ऑक्सीडेंट्स के रूप में काम करने वाली हल्दी इंफेक्शन, वायरल और फ्लू की समस्या को दूर करने में मददगार मानी जाती है. इसलिए ही तो हल्दी का सेवन रात को दूध के साथ करने की सलाह दी जाती है. यह इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर मानी जाती है. हल्दी में भी अदरक की ही तरह एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो सूजन को दूर करने में मददगार होते हैं. हल्दी का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है.

4. लहसुन

अगर आप लहसुन का सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं तो स्वास्थ्य को कमाल के फायदे हो सकते हैं. लहसुन भी नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट्स का काम करती है. लहसुन के एंटी बैक्टीरिया का गुण संक्रमण के खिलाफ लड़ने में असरदार माने जाते हैं. आप जैतून के तेल में भीगे हुए लहसुन को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. लहसुन को खाली पेट सुबह भी खाया जा सकता है. इससे पुरुषों को काफी हो सकता है. लहसुन की चाय का सेवन भी स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है.