ऑटोकारोबार

कोरोना संकट का असर मारुति पर, मार्च में 32 फीसदी कम हुआ प्रोडक्शन

कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से देश की ऑटो इंडस्ट्री पस्त नजर आ रही है. इसका असर मारुति सुजुकी के उत्पादन पर भी पड़ा है. मारुति सुजुकी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया है कि मार्च महीने में कंपनी का उत्पादन 32 फीसदी कम रहा.

यात्री वाहनों का उत्पादन 32.26 प्रतिशत कम

कंपनी ने इस साल मार्च में 92,540 वाहनों का जबकि इसी अवधि में साल भर पहले 1,36,201 वाहनों का उत्पादन किया था. इस दौरान यात्री वाहनों का उत्पादन साल भर पहले की 1,35,236 इकाइयों की तुलना में 32.26 प्रतिशत कम होकर 91,602 इकाइयों पर आ गया. मारुति की मिनी और कॉम्पैक्ट कैटेगरी की ऑल्टो, एस-प्रेसो, वैगनआर, सेलेरियो, इग्निस, स्विफ्ट, बलेनो और डिजायर जैसी कारों के उत्पादन में भी करीब 32 फीसदी की कमी आई है. इस कैटेगरी में उत्पादन मार्च 2019 के 98,602 वाहनों की तुलना में मार्च 2020 में 67,708 वाहनों पर आ गया.

मारुति ने मार्च 2020 में विटारा ब्रेजा, एर्टिगा और एस-क्रॉस जैसे 15,203 यूटिलिटी वाहनों का उत्पादन किया. यह साल भर पहले के 17,719 वाहनों की तुलना में 14.19 प्रतिशत कम है. इसी तरह, मध्यम आकार के सेडान सियाज का उत्पादन 3,205 वाहनों से कम होकर 2,146 वाहनों पर और हल्के कॉमर्शियल वाहन सुपर कैरी का उत्पादन 965 इकाइयों से कम होकर 938 इकाइयों पर आ गया. बता दें कि कंपनी ने फरवरी में भी उत्पादन में 5.38 प्रतिशत की कटौती की थी.

बता दें कि 21 दिन के लॉकडाउन की वजह से मारुति समेत ऑटो इंडस्ट्री की कंपनियों ने अपने प्लांट अस्थायी तौर पर बंद कर दिए हैं. ऐसे में कंपनियों ने हर दिन 2300 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जाहिर की जा रही है. बीते दिनों ये आशंका ऑटो मैन्युफैक्चरर्स कंपनियों की संस्था सियाम ने जताई है.

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