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जेल में कोरोना / जिस जेल में बंद था आतंकी कसाब, उस जेल के 72 कैदियों और 7 जेल स्टाफ में संक्रमण की पुष्टि हुई

आर्थर रोड जेल में अबू जिंदाल समेत कई बड़े अपराधी बंद हैं। जेल में कोरोना के मरीज मिलना जिला प्रशासन के लिए चिंता का विषय हैं।

आर्थर रोड जेल की सुरक्षा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके अंडा सेल में 26/11 आतंकी हमले में पकड़ा गया अजमल कसाब को भी रखा गया थासंक्रमण की पुष्टि सबसे पहले 50 साल के एक विचाराधीन कैदी में हुई। जिसके बाद उसके कांटेक्ट में आए अन्य कैदियों की कोरोना जांच करवाई गई

खबर सफर

May 08, 2020, 09:39 AM IST

मुंबई. देश के सबसे सुरक्षित माने जाने ऑर्थर रोड जेल में बंद 72 कैदियों और 7 जेल स्टाफ में कोरोना की पुष्टि हुई है। इन सभी को मुंबई के जी.टी हॉस्पिटल और सेंट जार्ज हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। राज्य का यह पहला मामला है जब किसी जेल में कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। आर्थर रोड जेल की सुरक्षा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके अंडा सेल में 26/11 आतंकी हमले में पकड़ा गया अजमल कसाब को भी रखा गया था।  

जानाकारी के मुताबिक, संक्रमण की पुष्टि सबसे पहले 50 साल के एक विचाराधीन कैदी में हुई। जिसके बाद उसके कांटेक्ट में आए अन्य कैदियों की कोरोना जांच करवाई गई और गुरुवार दोपहर तक 72 कैदियों में इसकी पुष्टि हुई है।

150 लोगों का हुआ कोरोना टेस्ट
बॉम्बे हाई कोर्ट ने पिछले दिनों ही महाराष्ट्र सरकार से यह पूछा था कि क्या जेल के अंदर कोई ऐसा कैदी है जो कोरोना वायरस से संक्रमित है। ऐसे में जेल में कोरोना से संक्रमित कैदी के मिलने के बाद जेल प्रशासन सतर्क हो गया है. एहतियात के तौर पर जेल प्रशासन ने 150 से ज्यादा लोगों का कोरोना टेस्ट करवाया, जिसमें कैदी और जेल के अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं।

अंडरवर्ल्ड से जुड़े कई चर्चित चेहरे इस जेल में हैं बंद
800 लोगों की क्षमता वाली जेल में इस समय 2000 से ज्यादा कैदी रह रहे हैं। ऑर्थर रोड जेल में कोरोना का मरीज मिलना इसीलिए भी चिंताजनक ही क्योंकि इस जेल में आम कैदियों के साथ अंडरवर्ल्ड से जुड़े कई अपराधी भी रहते हैं। इनमें 26/11 आतंकी हमले के सिलसिले में गिरफ्तार अबू जिंदाल, हाई प्रोफाइल हेमा उपाध्याय मर्डर केस का आरोपी चिंतन उपाध्याय, छोटा राजन का शार्प शूटर सतीश कालिया भी इस जेल में बंद हैं। 

महाराष्ट्र की पांच जेलों में भी है लॉकडाउन
इससे पहले 9 अप्रैल को कैदियों में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए मुंबई, पुणे और ठाणे जिलों के पांच केंद्रीय कारागारों को लॉकडाउन करने का आदेश जारी किया गया था। आदेश के मुताबिक किसी नए कैदी को यहां नहीं लाया जाएगा और किसी को बाहर भी नहीं जाने दिया जाएगा। यहां तक कि जेल के कर्मी भी यहां से बाहर नहीं जाएंगे। यह आदेश मुंबई की आर्थर रोड जेल तथा भायखला जेल, ठाणे और कल्याण की जेल और पुणे की यरवडा जेल के लिए था।ऐसी है मुंबई की आर्थर रोड जेल

  • आर्थर रोड जेल का निमार्ण सन् 1926 में किया गया था। यह शहर की सबसे पुरानी और बड़े जेल है। 1994 में इसे अपग्रेड कर केंद्रीय जेल बनाया गया। हालांकि आज भी इसे आर्थर रोड जेल के नाम से ही जाना जाता है।
  • यह करीब 2 एकड़ जमीन में फैली है। शुरुआत में इस जेल को 800 कैदियों के हिसाब से बनाया गया था। बाद में इसकी क्षमता बढ़ी।
  • इसमें भी बैरक नंबर-12 दोनों ही तरफ से बहुत सुरक्षित है और इसे स्टील स्ट्रक्चर लगाकर और अभेद बनाया गया है। 
  • ग्राउंड लेवल से बीस फीट ऊंचाई पर स्थापित इस जेल में तीन तरफ से हवा और रोशनी आती है और हर तरह से सुरक्षा व्यवस्था चौकस है। 
  • इसे जेल के महज 3 से 4 किमी के दायरे में 6 बड़े अस्पताल हैं।

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