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मुंबई में BMC के सीनियर अफसर की कोरोना से मौत, ठाणे में निगम पार्षद ने तोड़ा दम

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सीनियर अधिकारी की कोरोना वायरस (coronavirus) से मौत हो गई. वहीं ठाणे जिले में मीरा-भायंदर नगर निगम के एक शिवसेना पार्षद की कोविड-19 (COVID-19) से मृत्यु हो गई.

मुंबई में कोरोना से हालात खराब होते जा रहे हैं.

UPDATED: JUNE 9, 2020, 9:10 PM IST

मुंबई. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) से रोजाना हालात बदतर होते जा रहे हैं. इसमें मुंबई का हाल सबसे ज्‍यादा बुरा है. बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के सीनियर अधिकारी की मंगलवार को कोरोना वायरस से मौत हो गई. यह अधिकारी बीएमसी में वॉटर सप्‍लाई डिपार्टमेंट के इंचार्ज थे. अभी कुछ दिन पहले ही 54 वर्षीय इस अधिकारी की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. वहीं आज ठाणे में एक नगर निगम पार्षद की कोरोना वायरस से मौत हो गई है.

मीरा-भायंदर नगर निगम के एक शिवसेना पार्षद की कोविड-19 से मौत
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मीरा-भायंदर नगर निगम के एक शिवसेना पार्षद की मंगलवार को कोविड-19 से मृत्यु हो गई. पार्टी के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की. पार्टी के एक प्रवक्ता ने बताया कि 55 वर्षीय पार्षद को एक सप्ताह पहले कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया और ठाणे शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था.

उन्होंने बताया कि मृतक के परिवार में उसकी वृद्ध मां, पत्नी और बेटा हैं. इन तीनों का भी अस्पताल में कोविड-19 के लिए इलाज हुआ और तीनों स्वस्थ हो चुके हैं. शिवसेना के सूत्रों के अनुसार, चार बार पार्षद चुने गए शिवसेना नेता शहर में वायरस के प्रकोप के दौरान बेहद सक्रिय थे और उन्होंने क्षेत्र के जरूरतमंदों की मदद की थी. इस बीच, शिवसेना नेता और ओवाला-माजीवाड़ा के विधायक प्रताप सरनाईक ने उनके निधन पर शोक जताया.

मुंबई में कुछ प्रयोगशालाओं ने कोरोना की जांच रिपोर्ट देने में 18 दिन लगाए : BMC प्रमुख

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के आयुक्त आई एस चहल ने कहा कि मुंबई में कुछ प्रयोगशालाओं ने कोरोना वायरस के संक्रमण की जांच के लिए नमूने की रिपोर्ट देने में 18 दिन लगाए हैं. पिछले महीने बीएमसी के आयुक्त के रूप में पदभार संभालने वाले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि उन्हें पता चला कि 4 अप्रैल को लिए गए नमूने की रिपोर्ट 22 अप्रैल को दी गई थी.

चहल ने सोमवार को एक टीवी चैनल से कहा, ‘कुछ प्रयोगशालाएं 18 दिन बाद रिपोर्ट सौंपकर गंभीर अपराध कर रही हैं. इसके लिए वे सजा पाने की हकदार हैं.’ निकाय प्रमुख ने कहा कि उन्होंने ऐसी प्रयोगशालाओं को बताया कि कोरोना वायरस के लिए गए नमूनों की रिपोर्ट देने में देरी की वजह स्वीकार्य नहीं है.

चहल ने कहा, ‘मैंने उन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि यदि आप मुझे 24 घंटे में स्वैब रिपोर्ट नहीं दे सकते हैं, तो आप मुंबई में काम नहीं कर सकते. मैं 15-16 दिनों बाद आपकी रिपोर्ट स्वीकार नहीं कर सकता.’ आयुक्त ने कहा, ‘हमारे पास मुंबई में 2,500 अस्पताल हैं. प्रत्येक अस्पताल को अब जांच करने के लिए अधिकृत किया गया है. हमने यहां तक ​​कि लोगों को अपने घरों से नमूने एकत्र करने की अनुमति दी है, जो आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के बाहर है.’ सोमवार तक, मुंबई में कोविड-19 के 49,863 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें 1,700 मौतें शामिल हैं.

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