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शाॅपर्स स्टाॅप 1100 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी में, कई स्टोर भी हो सकते हैं बंद

कंपनी ने कहा है कि जैसे ही माहौल में सुधार होगा तो नई भर्ती की जाएगी, अन्य रिटेलर्स की तरह हम भी अच्छे प्रदर्शन नहीं करनेवाले स्टोर को बंद कर रहे हैं
  • कंपनी जिन कर्मचारियों को निकालेगी उन्हें 2 महीने की सैलरी दी जाएगी, इनमें ज्यादातर कर्मचारी जूनियर और मिड लेवल के हैं
  • कोविड-19 की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन के कारण फैशनेबल और महंगे उत्पादों की मांग घटी है

ख़बर सफ़र न्यूज

Jun 13, 2020, 09:00 PM IST

नई दिल्ली. देश के सबसे पुराने डिपार्टमेंट स्टोर चेन शॉपर्स स्टॉप (Shoppers Stop) 1100 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी कर रहा है। इसी के साथ कंपनी कई स्टोर को बंद भी करने वाली है। कोविड-19 की वजह से देशव्यापी लॉकडाउन के कारण फैशनेबल और महंगे उत्पादों की मांग घटी है। इससे कंपनी की बिक्री पर बुरा असर पड़ा है। 

कंपनी के पास इस समय 7,500 कर्मचारी हैं

जानकारी के मुताबिक जिन कर्मचारियों को कंपनी निकालेगी, उन्हें 2 महीने की सैलरी दी जाएगी। कंपनी के पास इस समय 7,500 कर्मचारी हैं। इसमें से 15 प्रतिशत कर्मचारियों को 15 जून तक इस्तीफा देने को कहा गया है। इसमें से ज्यादातर कर्मचारी जूनियर और मिड लेवल के हैं। जिन कर्मचारियों को कंपनी की ओर से इस्तीफा देने को कहा गया है उसमें 160 कर्मचारी बैक एंड ऑपरेशंस से जुड़े हैं। 1,000 कर्मचारी फ्रंट एंड स्टोर लेवल के हैं। 

शॉपर्स स्टॉप के कर्मचारियों ने इस बात की पुष्टि की है। हालांकि कंपनी ने इसके साथ यह भी कहा है कि जैसे ही माहौल में सुधार होगा, नई भर्ती की जाएगी। कंपनी ने कहा है कि अन्य रिटेलर्स की तरह हम भी अच्छे प्रदर्शन नहीं करनेवाले स्टोर को बंद कर रहे हैं। बिजनेस घटेगा तो इसका असर कर्मचारियों पर पड़ेगा। ऐसी स्थिति में नए स्टोर्स को खोलने की संख्या सीमित कर दी गई है।

शॉपर्स स्टॉप ने 1991 में पहला स्टोर चालू किया था

कहा जा रहा है कि बिजनेस कम हो रहा है। इस वजह से अब एडजस्टमेंट का रास्ता अपनाया जा रहा है। के.रहेजा कॉर्प द्वारा प्रमोट किया गया शॉपर्स स्टॉप ने 1991 में पहला स्टोर चालू किया था। कंपनी के मुताबिक रिटेल उद्योग स्टोर लेवल पर 36-50 प्रतिशत एट्रीशन रेट होता है। यानी कर्मचारियों को छोड़ने की संख्या इसी स्तर पर होती है। कंपनी के साथ कम करनेवाले प्रवासी लोग कांट्रैक्ट पर होते हैं। जब तक स्थितियों में सुधार नहीं होता है तब तक इन कर्मचारियों को वापस रखने की संभावना कम है। 

कंपनी ने दो महीने के बाद 55 स्टोर्स शुरू किए  हैं

कर्मचारियों पर कंपनी कुल बिक्री का 15 प्रतिशत हिस्सा खर्च करती है। यानी यह करीबन 315 करोड़ रुपए होता है। सरकार हालांकि लॉकडाउन में धीरे-धीरे छूट दे रही है इससे कंपनी की उम्मीद जगी है। कंपनी ने दो महीने के बाद 90 डिपार्टमेंट स्टोर में से 55 स्टोर्स शुरू कर दिया है। वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो अब तक गैप, बेस्ट बॉय, मेकीस और कोहूल्स जैसी अग्रणी रिटेल कंपनियों ने मार्च से लेकर अब तक 2.5 लाख कर्मचारियों को निकाल दिया है। भारत में फ्यूचर समूह और शॉपर्स स्टॉप सहित कई रिटेल कंपनियों ने सैलरी में कटौती करने के साथ कर्मचारियों को भी निकालने में तेजी दिखाई है। 

जेसीबी इंडिया ने 400 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है

उधर, दूसरी ओर भारत की सबसे बड़ी कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट कंपनी जेसीबी इंडिया ने 400 कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। पिछले एक पखवाड़े में इन कर्मचारियों को निकाला गया है। इसमें से 80-90 कर्मचारी डीजीएम से लेकर वाइस प्रेसीडेंट स्तर के हैं। कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट सेक्टर में 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी रखनेवाली जेसीबी इंडिया में कुल 8,000 कर्मचारी हैं। इसमें से 4,000 कर्मचारी परमानेंट हैं। जबकि बाकी कांट्रैक्ट पर हैं। कंपनी ने इन कर्मचारियों को 6 महीने की सैलरी दी है। इसमें से कई कर्मचारी तो 15 सालों से काम कर रहे थे। हालांकि कंपनी पर कोई कर्ज नहीं है और इसका ऑर्डर बुक भी मजबूत है।

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