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मुंबई की लाइफलाइन / 86 दिन बाद लोकल ट्रेन सेवा शुरू, 1200 की क्षमता वाले डिब्बे में 700 लोग ही बैठेंगे; सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को यात्रा की अनुमति

कोरोना महामारी ने दुनिया बदल दी है। खचाखच भरी रहने वाली लोकल ट्रेन में लोग सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठे नजर आए।
  • आज मध्य रेलवे की 200 और पश्चिम रेलवे की 120 लोकल ट्रेनें चलेंगी
  • पुलिसकर्मी, नर्स, डॉक्टर, नगर निगम के कर्मचारी और पत्रकार ही यात्रा कर सकेंगे
  • रेलवे स्टेशन क्षेत्र में 150 मीटर तक कोई फेरीवाला नहीं आएगा, पार्किंग भी नहीं होगी

ख़बर सफ़र न्यूज

Jun 15, 2020, 11:00 AM IST

मुंबई. कोरोना के कारण 86 दिन से बंद मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा सोमवार से फिर शुरू हो गई। हालांकि, अभी लोकल ट्रेन में सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को ही यात्रा करने की इजाजत होगी। पहली लोकल सोमवार तड़के 5.30 बजे चली। आज मध्य रेलवे की 200 लोकल ट्रेनों और पश्चिम रेलवे की 120 लोकल ट्रेनें चलेंगी। शनिवार को मुंबई में लोकल ट्रेनों को शुरू करने के लिए रेलवे अधिकारियों की एक बैठक हुई थी। इसके बाद लोकल शुरू करने का निर्णय लिया गया।

लोकल ट्रेन में फिलहाल पुलिसकर्मी, नर्स, डॉक्टर, नगर निगम के कर्मचारी, सफाईकर्मी, नगरपालिका के अन्य कर्मचारी और पत्रकार ही यात्रा कर पाएंगे।

किस रूट पर कितनी ट्रेनें

पश्चिम रेलवे
पश्चिम रेलवे के चर्चगेट से दहानु रूट पर कुल 73 ट्रेनें चलेंगी। विरार और दहानु रोड स्टेशनों के बीच 8 ट्रेनें चलेंगी। ये लोकल ट्रेनें सुबह 5.30 बजे से रात 11.30 बजे तक चलेंगी। कुछ लोकल ट्रेनें दहानु तक चलेंगी। चर्चगेट और बोरीवली के बीच कुछ फास्ट लोकल चलेंगी। बोरीवली के बाद वे अगले स्टेशन पर धीमी गति से चलेंगी। 

मध्य रेलवे
मध्य रेलवे की कुल 200 लोकल चलाई जाएंगी। लोकल 100 अप रूट और 100 डाउन रूट पर चलेंगी। सीएसएमटी से कसारा, कर्जत, कल्याण, ठाणे स्टेशनों के बीच 130 लोकल चलेंगी। इनमें से 65 अप जाएंगी और शेष 65 डाउन लाइन पर जाएंगी। कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इन लोकल ट्रेन को रोका जाएगा।

लोकल ट्रेन में यात्रा के नियम में बदलाव

  • साधारण यात्री लोकल में यात्रा नहीं कर पाएंगे। जरूरी सेवा से जुड़े यात्रियों के लिए टिकट विंडो खोली जाएंगी।
  • अगर संबंधित कर्मचारी सरकारी पहचान पत्र दिखाता है तो ही उसे टिकट मिलेगा।
  • पासधारक टिकटों की वैधता बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। कर्मचारियों को उनके आईडी कार्ड के जरिए स्टेशनों तक जाने दिया जाएगा।
  • कर्मचारियों को क्यूआर कोड आधारित ई-पास जारी किए जाएंगे। यह भी चेक किया जाएगा कि जो कर्मचारी ड्यूटी के लिए आ रहा है वह कंटेंमेंट जोन में नहीं रहने वाला हो।
  • सोशल डिस्टेंसिंग के लिए 1200 की क्षमता वाले डिब्बों में सिर्फ 700 लोगों को जाने की इजाजत होगी। रेलवे स्टेशन क्षेत्र में 150 मीटर तक कोई फेरीवाला और कोई पार्किंग क्षेत्र नहीं होगा। प्रत्येक स्टेशन के बाहर इमरजेंसी सेवा के रूप में एम्बुलेंस तैनात होगी।

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