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कोरोना के बीच पर PF पर चिंताजनक खबर, एक-तिहाई कंपनियों ने नहीं जमा किया पैसा

अप्रैल महीने में एक-तिहाई कंपनियों ने लोगों का पीएफ जमा नहीं किया है. लंबे समय से जारी कोरोना संकट, लॉकडाउन आदि वजहों से ज्यादातर कंपनियों की आर्थिक हालत खस्ता है. ऐसे में वे अब पीएफ खातों में भी डिफॉल्ट करने लगी हैं.

ख़बर सफ़र न्यूज

नई दिल्ली, 17 जून 2020, अपडेटेड 11:45 AM IST

कोरोना संकट की वजह से ज्यादातर कंपनियों की हालत खराब,करीब एक-तिहाई कंपनियों ने नहीं जमा की है पीएफ की रकम|

कोरोना संकट के बीच लोगों की नौकरियों पर तो संकट है ही, अब उनके भविष्य निधि यानी पीएफ से जुड़ी एक बुरी खबर सामने आई है. अप्रैल महीने में एक-तिहाई कंपनियों ने लोगों का पीएफ जमा नहीं किया है, यानी पैसे की तंगी की वजह से उन्होंने डिफॉल्ट कर दिया है.

गौरतलब है कि लंबे समय से जारी कोरोना संकट, लॉकडाउन आदि वजहों से ज्यादातर कंपनियों की आर्थिक हालत खस्ता है. इसकी वजह से वे कर्मचारियों की छंटनी, सैलरी में कटौती जैसे कई उपाय कर रही हैं. ज्यादातर छोटे एवं मध्यम उद्यमों के पास नकदी बहुत कम बची है. ऐसे में वे अब पीएफ खाते में भी डिफॉल्ट करने लगी हैं.

परेशान करने वाले आंकड़े

इस डिफॉल्ट का मतलब यह है कि कंपनियां न तो अपना योगदान कर पा रही हैं और न ही उन्होंने कर्मचारी के हिस्से का योगदान किया है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीने में सिर्फ 3,21,800 फर्म ने पीएफ में अपना और कर्मचारियों का योगदान जमा किया है. यह मार्च 2020 की तुलना में 1,78,000 कम है. यानी मार्च की तुलना में अप्रैल में करीब एक-तिहाई फर्म ने पीएफ में अपना योगदान नहीं किया. इसके पहले फरवरी महीने में कुल 5,20,566 कंपनियों और मार्च में कुल 4,99,566 कंपनियों ने पीएफ का बकाया जमा किया था.

पिछले साल इतने फर्म थे रजिस्टर्ड

गौरतलब है कि पिछले साल ईपीएफओ में कुल 6,54,421 फर्म रजिस्टर्ड थे और उन्होंने अपना योगदान भी किया था. इसके अलावा 2,557 फर्म ऐसे हैं जो ईपीएफओ के मार्गदर्शन में पीएफ फंड का संचालन खुद के ट्रस्ट के द्वारा करते हैं.

वैसे तो सरकार ने लॉकडाउन के दौरान छोटी कंपनियों के पीएफ का योगदान खुद करने का निर्णय लिया है. लेकिन यह डिफॉल्ट तो दोनों तरह के कंट्रीब्यूशन में है, कर्मचारियों और कंपनियों के जानकार कहते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में डिफॉल्ट का मतलब है कि कंपनियों की आर्थिक हालत ठीक नहीं है.

ईपीएफओ ने यह भी ऐलान किया है कि इस संकट के दौरान जो कंपनियां पीएफ नहीं जमा कर पाई हैं, उन पर कोई पेनाल्टी नहीं लगाया जाएगा. लेकिन इतनी बड़ी संख्या में पीएफ योगदान न करना यह साबित करता है कि औपचारिक क्षेत्र को काफी नुकसान हुआ है.

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